लू-तापघात से बचने के लिए अपील
क्या करें :-
1. डीले, पतले एवं सूती वस्त्र पहनकर घर से बाहर निकले ।
2. घर से बाहर जाने से पहले ताजा भोजन करे तथा तरल पदार्थ अधिक मात्रा में लेवें।
3. तरल पदार्थों में नमक का घोल (ओआरएस), छाछ, सिंकजी या ताजा फलों के रस लें।
4. सिर, गर्दन एवं कानों को अच्छी तरह सूती कपड़े से ढक कर बाहर निकलें।
5. धूप में निकलते समय छाते का उपयोग करें।
क्या न करें :-
1. नंगे बदन तेज धूप एवं लू में बाहर न निकलें।
2. खाली पेट घर से बाहर न जायें।
3. छोटे बच्चों को अधिक धूप में न ले जायें।
4. तेज धूप में अधिक देर तक नहीं रूकें। 5. प्यास को ज्यादा देर तक न रोकें।
6. चाय, तम्बाकू, शराब, सिगरेट, गुटखा एवं अन्य नशीले पदार्थों का उपयोग न करें।
लू-तापघात को कैसे पहचाने ?
1. सिरदर्द या सिर का भारीपन होना या चक्कर आना ।
2. उल्टी होना या जी मिचलना ।
3. अधिक प्यास लगना ।
4. तेज बुखार होना ।
5. बेहोशी जैसी अस्थमा होना ।
लू-तापघात होने पर प्राथमिक उपचार
1. रोगी को छायादार व हवादार जगह पर लिटावें।
2. वस्त्र ढीले कर दे।
3. तेज बुखार होने पर ठंडे पानी में कपड़ा भिगो कर पूरे शरीर पर लगातार पोछते रहे ।
4. थोड़ा-थोड़ा पेय पदार्थ बार-बार पिलाये, यदि ओआरएस का घोल हो तो उसे प्राथमिकता से पिलाये।
5. रोगी को तत्काल नजदीक के अस्पताल में ले जाये।
लू-तापघात हो सकते हैं घातक
लक्षण
तेज सिर दर्द होना
त्वचा का गर्म, लाल व सूखी होना
मतली या उल्टी आना
• सांस फूलना, धड़कन तेज होना
• मांसपेशियों में कमजोरी या ऐंठन
घबराहट होना, चक्कर आना, बेहोशी
शरीर का तापमान 104° फेरेनहाइट
करें बचाव
दोपहर में अनावश्यक घर से ना निकले
भरपेट ताजा भोजन करके पानी साथ लेकर ही घर से निकले
सूती, ढीले एवं हल्के रंग के कपड़े पहने, सिर पर टोपी, कपड़ा या छाते का उपयोग करें
छाछ, नारियल पानी, नींबू पानी, लस्सी, कच्चे आम का पना, ओआरएस आदि का सेवन करें
बच्चे, बुजुर्गों, बीमार व गर्भवतियों का रखें विशेष ख्याल
लू लगने पर तुरंत उपाय
व्यक्ति को छायादार जगह पर लिटाकर कपड़ों को ढीला कर दें
पानी, छाछ, शिकंजी, ओआरएस आदि पिलाएं
ठंडे पानी की पट्टियां करें
स्वास्थ्य केंद्र ले जाए या 108 एंबुलेंस को कॉल करें
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