नमस्कार दोस्तों स्वागत है आप सभी का हमारे वेबसाइट पर आज इस पोस्ट के माध्यम से हम भारत में नागरिकता किस प्रकार से ली जा सकती है किस व्यक्ति को हम भारत का नागरिक मानते हैं और क्या इसके प्रावधान हैं किस अनुच्छेद में इस को सम्मिलित किया गया है हम जानते हैं कि हमारे संविधान में नागरिकता को अनुच्छेद 5 से 11 तक अलग-अलग प्रावधानों में रखा गया है नागरिकता का मुद्दा एक लोकतांत्रिक राष्ट्र राज्य के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और इसलिए नागरिकता एक लोकतांत्रिक व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण नींव है। यह सभी महत्वपूर्ण प्रश्न जो आपके परीक्षा में पूछे जा सकते हैं उसको आज की इस पोस्ट के माध्यम से हम समझने वाले हैं तो आशा करते हैं आपको यह पोस्ट अच्छा लगेगा और आप इसे अपने दोस्तों के साथ भी साझा जरूर करेंगे।
Citizenship नागरिकता से संबंधित परीक्षा में पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण जानकारी।
भारत में नागरिकता :- अगर बात की जाए भारत में नागरिकता की तो भारत में नागरिकता का महत्व सबसे अहम रहा है। क्योंकि भारत में नागरिकों को जितने भी अधिकार दिए गए हैं वह सभी भारत के नागरिकों के लिए ही होते हैं।नागरिकता शब्द से उल्लेख है किसी भी समुदाय के पूर्ण सदस्यता का आनंद प्राप्त करना या राज्य जिसमें नागरिक रहता है वह राजनैतिक और नागरिक अधिकार प्राप्त करता है|
इसे एक विशेष राज्य के व्यक्ति के कानूनी सम्बन्धों के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जिसे वह राज्य के प्रति अपनी वफादारी निभाने के लिए प्रतिज्ञाबद्ध रहता है और प्रत्येक नागरिकों को अलग-अलग कर्तव्य और अपनी सिद्धांतों और मूल्यों का निर्धारण करना पड़ता है अपने कर्तव्यों को निभाकर जैसे कर अदा करना, जरूरत के समय सेना की मदद करना, राष्ट्रीय सिद्धांतों और मूल्यों का सम्मान करना आदि आता है|
संवैधानिक प्रावधान अगर बात की जाए संवैधानिक प्रावधानों की तो भारतीय नागरिकता के लिए प्रमुख प्रावधान निर्धारण किए गए हैं आइए उसको समझते हैं।संसद के कानून द्वारा नागरिकता को विनियमित करने के लिए संविधान सभा अनुच्छेद 11 के माध्यम से एक सामान्यीकृत प्रावधान शामिल किया गया। हालांकि, जब इस संविधान को अपनाया गया, तब अनुच्छेद 5-11 रूप में नागरिकता के संविधान भाग 2 लागू किया गया जोकि निम्न प्रकार से उल्लेख करता है :
अनुच्छेद 5-
के अनुसार “प्रत्येक व्यक्ति” जो भारत के क्षेत्र में रहता है और नीचे जो जानकारियां दी जा रही है इनमें से वह होना चाहिए।
• जो भारत के क्षेत्र में पैदा हुआ था या
• जिसके माता पिता भारत के क्षेत्र में पैदा हुए थे या इसका मतलब यह है कि जिस व्यक्ति की नागरिकता लेनी हो उसके माता-पिता भी भारत के निवासी होने चाहिए जिसको हम भारतीय मूल निवासी भी बोल सकते हैं।
• कम से कम 5 साल के लिए भारत के सामान्य नागरिक रहें तुरंत इस प्रक्रिया के आरंभ होने के बाद भारत का नागरिक बन सकता है|
अनुच्छेद 6-
कुछ भारतियों को नागरिकता का अधिकार जो पाकिस्तान से भारत आ गए हैं उन्हें संविधान के प्रारंभ में नागरिकता के तहत शामिल करना|क्योंकि इसके लिए एक विशेष प्रावधान भी बनाया गया था।
अनुच्छेद 7-
नागरिकता का अधिकार कुछ पाकिस्तानी प्रवासियों के लिए – ये उन लोगों के लिए विशेष प्रावधान है जो मार्च 1, 1947 के बाद पाकिस्तान चले गए परंतु बाद में भारत लौट आए थे|और यह काफी महत्वपूर्ण भी है।
अनुच्छेद 8-
ये नागरिकता का अधिकार उन व्यक्तियों के लिए है जो भारतीय मूल के होते हुए भारत से बाहर रोजगार, शिक्षा, और शादी या अनुच्छेद 8 के आगे रख देने के उद्देश्य से दिया गया है|
अनुच्छेद 9–
वह व्यक्ति जो स्वेच्छा से विदेशी राज्य की नागरिकता हासिल करता है, वह भारत का नागरिक नहीं होगा|इसका मतलब यह है कि ऐसे व्यक्ति यदि जो किसी भी देश राज्य की नागरिकता ले लेता है तो वह भारत का नागरिक नहीं माना जाएगा उदाहरण के तौर पर हम अक्षय कुमार को देख सकते हैं।
अनुच्छेद 10–
वह व्यक्ति जो भारत का नागरिक है इस भाग के किसी भी प्रावधान के तहत, जो संसद द्वारा बनाया गया हो के अधीन होगा|
1955 का नागरिकता अधिनियम 1955 और इसका संशोधन यह जानकारी भी आपके लिए महत्वपूर्ण है तो आइए इसको भी समझते हैं।
1. 1955 का नागरिकता अधिनियम — संविधान के प्रारंभ होने के बाद नागरिकता का अधिग्रहण और समाप्ति से संबन्धित है।
कुछ विदेशी कुछ शर्तों को पूरा करके द्वारा भारतीय नागरिकता हासिल कर सकते हैं|यदि कोई विदेशी व्यक्ति भारत की नागरिकता लेना चाहता है तो वह कुछ शर्तों को मान करके भारत की नागरिकता ले सकता है।
• यदि कोई भी क्षेत्र भारत का हिस्सा बन जाता है, भारत सरकार उन्हें नागरिक बनने के लिए शर्तों को निर्दिष्ट कर सकता है|
• वह व्यक्ति जो 26 जनवरी 1950 के बाद भारत में पैदा हुआ हो, वह भारत का नागरिक हो सकता है लेकिन राजनायिकों के बच्चे भारत के नागरिक नहीं हो सकते|इसका मतलब यह है कि ऐसा व्यक्ति जो 26 जनवरी 1950 के बाद में भारत में जन्म लिया था और वह भारत का नागरिक हो सकता है लेकिन जो हमारे राज नायक रहे थे उनके बच्चे भारत के नागरिक नहीं माने जा सकते।
• 26 जनवरी 1950 के बाद पैदा हुए कोई भी व्यक्ति नागरिक तभी कहलाएगा जब वह कुछ शर्तों को पूरा करेगा जैसे या तो माता पिता भारत के नागरिक हों, या पिता नागरिक हो आदि|
• नागरिकता कुछ आधारों जैसे पर त्याग, वर्खास्त्गी, आदि से खो सकती है|
• एक राष्ट्रमंडल देश के नागरिक को भारत में राष्ट्रमंडल नागरिकता का दर्जा दिया जाएगा।
आइए समझते हैं भारतीय नागरिकता संशोधन अधिनियम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी।
1986 का नागरिकता (संशोधन) अधिनियम—यह अधिनियम विशेष रूप से असम राज्य की नागरिकता से संबंधित है। इसमें उल्लेख किया गया है कि यह नागरिकता पाने के लिए अवैध प्रवासियों को निर्धारित प्रारूप में भारतीय वाणिज्य दूतावास के साथ पंजीकृत होने की जरूरत है|
1992 का नागरिकता(संशोधन ) अधिनियम—इस अधिनियम के अनुसार, भारत के बाहर पैदा हुए किसी भी व्यक्ति को वंश परंपरा के द्वारा नागरिकता मिल सकती है यदि उसके माता-पिता दोनों में से कोई भी अपने जन्म के समय भारत के नागरिक रहे हों|
2003 का नागरिकता (संशोधन) अधिनियम—यह अधिनियम अधिकारों का परिचय देता है जिसमें उनके पंजीकरण से संबन्धित विदेशी नागरिकों के लिए प्रावधान दिये गए हैं|
2005 का नागरिकता अधिनियम – यह अधिनियम गृह मंत्रालय की संसदीय स्थायी समिति की सिफारिश के आधार निर्भर करता है। यह PIO’s के 16 देशों के लिए दोहरी नागरिकता का प्रावधान प्रदान करता है।
नागरिकता के अधिग्रहण की विधियां से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी।
- नागरिकता, पंजीकरण के द्वारा प्राप्त की जा सकती है|
- वंश के आधार पर नागरिकता प्राप्त की जा सकती है|
- देशीकरण द्वारा भी नागरिकता प्राप्त की जा सकती है|
- किसी क्षेत्र के अपने देश में समावेश द्वारा भी नागरिकता प्राप्त की जा सकती है|
- जन्म के द्वारा -इस धारा के तहत नागरिकता का अनुदान संशोधन के अनुसार उस जगह के समय के अनुसार परिवर्तन के अधीन है।
नागरिकता का खो जाना यदि नागरिकता खो जाती है तो उसके लिए क्या प्रावधान हैं को भी समझते हैं।
1955 का नागरिकता अधिनियम नागरिकता के खो जाने के साथ साथ अधिग्रहण करने के प्रावधानों के बारे में भी बताता है:
1. त्याग के द्वारा -किसी भी व्यक्ति द्वारा अपनी इच्छा के अनुसार नागरिकता का त्याग करने की घोषणा करना, जिससे उससे भारत की नागरिकता ले ली जाये|
2. निष्कासन के द्वारा – यदि एक व्यक्ति स्वेच्छा से जानबूझकर किसी भी अन्य देशका नागरिक बन जाता है।
भारत के विदेशी नागरिक
2003 की नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के अनुसार भारत के विदेशी नागरिक में वह व्यक्ति भी शामिल है
• भारतीय मूल का नागरिक होने के बाद किसी और देश का नागरिक हो जाने वाला व्यक्ति (PIO) अर्थात ऐसा व्यक्ति जो भारत का तो है लेकिन उसकी नागरिकता विदेशी है।
• दूसरे देश की नागरिकता प्राप्त करने के तुरंत बाद भारत का नागरिकता छोड़ देनी तथा केंद्र सरकार द्वारा OCI के रूप में पंजीकृत कराना|
अनिवासी भारतीय
एक NRI भारत का नागरिक होता है जिसके पास भारतीय पासपोर्ट होता है और अस्थायी रूप से या तो रोजगार या शिक्षा या इस तरह के किसी भी अन्य कारण से अन्य देश में आकर बस जाता है|
भारतीय मूल के व्यक्ति से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां।
जिनके माता-पिता या दादा-दादी भारत के नागरिक हैं लेकिन वह भारत का नागरिक नहीं है, क्योकि वह किसी दूसरे देश का नागरिक है परन्तु माता-पिता भारतीय मूल के होने के कारण वह भी भारतीय नागरिक कहा जायेगा ।
आशा करते हैं यह जानकारी आपको अच्छी लगी होगी और इसी प्रकार की जानकारी पढ़ने के लिए आप हमारे वेबसाइट को रोजाना देखते रहे और कुछ सीखते रहें।
आशा करते हैं यह जानकारी आपको अच्छी लगी होगी और आप इसे अपने दोस्तों तक जरूर शेयर करेंगे।
अगर आप सरकारी नौकरी की तैयारी करते हैं तो आप हमारी संस्था के द्वारा दिए जाने वाले सभी पीडीएफ और क्लासेस का जरूर लाभ उठाएं इसमें हर तरह की सुविधाएं प्रदान की जाती है जैसे सभी विषयों के आपको हस्तलिखित नोट्स और हमारे संस्था के द्वारा बनाए गए स्पेशल पीडीएफ नोट्स भेजे जाते हैं और सभी विषयों के प्रैक्टिस सेट वह भी क्रम के अनुसार किए जाते हैं जहां से आप के परीक्षा में प्रश्न आने के ज्यादा संभावनाएं होती हैं। अगर आप भी हमारे संस्था के साथ जुड़ना चाहते हैं और आप अपनी तैयारी को और भी बेहतरीन करना चाहते हैं तो आज ही हमारे संस्था के द्वारा दिए जा रहे नोट्स स्टडी मैटेरियल को कॉल करके अपने एग्जाम को क्लियर करे।
आप हमारी संस्था से जुड़ने के लिए दिए गए नंबर पर व्हाट्सएप मैसेज करें वहां पर अपना नाम और आपके एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं लिख करके भेजें आपको वहां पर ग्रुप का लिंक भेज दिया जाएगा जिसमें आपको रोजाना क्लासेस और पीडीएफ उपलब्ध कराए जाएंगे।
MOBILE NO.—9172872281
आप हमारे टेलीग्राम चैनल से भी जुड़ सकते हैं जहां पर आपको सभी पीडीएफ उपलब्ध हो जाएगा उसके लिए आप टेलीग्राम पर हमारे चैनल का नाम सर्च करें और उसे जॉइन करें।

